तीन कंजूस दोस्त एक रोज प्रवचन सुनने के लिए गए। प्रवचनकर्ता संत ने प्रवचनों के बाद किसी सत्कार्य के लिए सभी से चंदा देने के लिए पुरजोर अपील करते हुए कहा कि हरेक कुछ न कुछ जरूर दे।
जैसे-जैसे चंदे वाला थाल उन कंजूसों के नजदीक आता गया वे बेचैन हो उठे। यहां तक कि उनमें से एक बेहोश हो गया और बाकी दो उसे उठाकर बाहर ले गए।




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